July 30, 2026

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पर्यटन नगरी में सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का जायका, नहीं लगा रहे रेट लिस्ट।

मसूरी : पर्यटन नगरी में फल व सब्जियों के आसमान छूते दामों ने एक बार फिर ग्रहणियों को परेशानियों में डाल दिया है जहां टमाटर के दाम 200 से ऊपर पहुंच गया है वही शिमला मिर्च 140 रूपये किलो, गोभी डेढ़ सौ रुपए किलो बिक रही है। इसी तरह अन्य सब्जियों के मंहगे होने व दुकानदारों की मनमानी के कारण गरीब की थाली से सब्जी गायब हो गई है।
मसूरी में लगातार सब्जी के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन इस ओर प्रशासन व सरकार की कोई लगाम इन सब्जी विक्रेताओं पर नहीं है जिस कारण इनकी मनमानी चल रही है व ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे है। जब कि जिलाधिकारी ने पूरे जिले में सब्जियों की दरें निर्धारित की हैं, लेकिन मसूरी में किसी भी दुकानदार ने रेट लिस्ट नहीं लगा रखी है। आश्चर्य की बात तो यह है कि मसूरी के विधायक जो कृषि मंत्री भी है व देहरादून में उन्होंने टमाटरों को सस्ते दाम पर बेचने के लिए व्यवस्था की लेकिन अपनी विधानसभा में उन्होंने ऐसी व्यवस्था नहीं की। न ही जिलाधिकारी के आदेशों को यहां पर अमल में लाया गया। जबकि हर दिन सब्जियों के दामों की रेट लिस्ट जारी की जा रही है। ग्रहणी शिल्पी ने बताया कि सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं जिसके कारण घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर पड़ रहा है और सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। हालात यह है कि दुकानों में सब्जी के दाम सुनते ही बिना सब्जी लिए घरों को जाना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि सब्जी विक्रेताओं की मनमानी पर सराकार को ध्यान देना चाहिए व दुकानों में रेट लिस्ट लगवानी चाहिए व जो दुकानदार कालाबाजारी कर रहे हैं व सरकारी रेट से अधिक दाम वसूल रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यही हाल फलों का भी है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी नंदन कुमार ने बताया कि सब्जियों की रेट लिस्ट मंगवा ली गई है और सभी दुकानों पर से लगा दिया जाएगा और जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कर सब्जी की कालाबाजारी नहीं करने दी जाएगी।  उन्होंने कहा कि इस बारे में सभी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि सब्जी की दुकानों पर रेट लिस्ट लगाई जाए ताकि ग्राहकों का शोषण न हो सके।

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