धार्मिक आस्था से रोशन होंगे हिमालय! दिवाली पर बदरीनाथ में जलेंगे 12 हजार दीये, केदारनाथ भी दमकेगा
1 min read
उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में से दो — बदरीनाथ और केदारनाथ — इस बार दिवाली 2025 पर दिव्य रोशनी में नहाए नजर आएंगे। पहली बार बदरीनाथ धाम में 12,000 दीयों से दीपोत्सव मनाया जाएगा, जबकि केदारनाथ धाम में भी भव्य दीप सज्जा और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा।
राज्य सरकार और उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड की ओर से इन ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को दीपावली के शुभ अवसर पर विशेष रूप से सजाने और रोशन करने की योजना तैयार की गई है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सांस्कृतिक समरसता का संदेश देना है।
बदरीनाथ धाम में पहली बार ऐसा आयोजन
धार्मिक नगरी बदरीनाथ में यह दीपोत्सव पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। मंदिर परिसर, मार्ग, और आसपास के क्षेत्र को 12 हजार मिट्टी के दीयों से रोशन किया जाएगा। स्थानीय लोगों, पुजारियों और स्वयंसेवकों की मदद से दीयों की सजावट की जाएगी।
इस आयोजन में पारंपरिक संगीत, वेद मंत्रोच्चार, और गंगा आरती जैसे कार्यक्रम भी शामिल होंगे, जिससे श्रद्धालु दिवाली की रात एक अलौकिक वातावरण का अनुभव कर सकेंगे।
केदारनाथ धाम भी रहेगा दीपों से रोशन
केदारनाथ में भी इस बार दीपावली को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर प्रांगण को सैकड़ों दीयों, रंगोली, और पुष्प सज्जा से सजाया जाएगा। इसके साथ ही बाबा केदार को दिवाली के अवसर पर विशेष श्रृंगार और पूजा अर्पित की जाएगी।
धाम में उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद वितरण जैसे आयोजन भी किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आयोजन को लेकर कहा, “यह सिर्फ दीपों का उत्सव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिकता को एक नई पहचान देने का प्रयास है। हम चाहते हैं कि देश और दुनिया के लोग हमारे धामों में आकर दिवाली का यह अनुपम अनुभव लें।”
सुरक्षा और पर्यावरण का भी ध्यान
आयोजन के दौरान पर्यावरण और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। दीयों में प्राकृतिक तेलों का उपयोग किया जाएगा और प्लास्टिक के इस्तेमाल से परहेज किया जाएगा। साथ ही, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें भी मौके पर तैनात रहेंगी।
पृष्ठभूमि
बदरीनाथ और केदारनाथ धाम उत्तराखंड के चारधामों में शामिल हैं, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। अब दिवाली जैसे पर्व को भी इन धामों से जोड़कर सरकार धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
दिवाली 2025 के इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में खासा उत्साह है। माना जा रहा है कि यह आयोजन राज्य के धार्मिक पर्यटन में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

Can you be more specific about the content of your article? After reading it, I still have some doubts. Hope you can help me.