October 24, 2026

News India Group

Daily News Of India

दशहरा की तैयारियां पूरी, रुड़की और रुद्रपुर में धू-धू कर जलेगा 70 फीट ऊंचा रावण

1 min read

उत्तराखंड के शहरों में दशहरा पर रावण दहन की तैयारी हो रही है. रुड़की-रुद्रपुर में रावण का 70 फीट ऊंचा पुतला बनाया गया है.

रुड़की: बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयदशमी पर्व 19 अक्टूबर यानी मंगलवार को देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा. रुड़की में भी दशहरा उत्सव की तैयारियां पिछले एक महीने से चल रही हैं. जिन्हें अंतिम रूप दे दिया गया है. दरअसल, शहर के नेहरू स्टेडियम में शाम को 70 फीट ऊंचे रावण, 55 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और 45 फीट ऊंचे मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन किया जाएगा. लेकिन रुड़की के दशहरा उत्सव की खास बात इन पुतलों की ऊंचाई ही नहीं बल्कि इन्हें तैयार करने वाले हाथों में भी हैं, यहां पर मुस्लिम कारीगर रावण के पुतले बना रहे हैं. लेकिन इन कारीगरों को महंगाई के बीच मेहनताने की चिंता भी सता रही है.

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी कस्बे से आए मुस्लिम समुदाय के कारीगर पिछले एक महीने से रुड़की में इन पुतलों को बनाने में जुटे हुए हैं. एक तरफ ये कारीगर अपनी कला और मेहनत से दशहरा उत्सव को खास बना रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई के बीच कम मेहनताने को लेकर उनकी चिंता भी सामने आई है. इन विशालकाय पुतलों को अंतिम रूप देने के लिए मुस्लिम कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. वहीं इस आयोजन की सबसे खास तस्वीर सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश दे रही है.

रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश के पुरकाजी से मुस्लिम समुदाय के कारीगरों की टीम रुड़की पहुंची है. कारीगर तनवीर ने बताया कि वह पिछले करीब एक महीने से इस काम में लगे हुए हैं और उनके साथ अन्य कारीगर भी मेहनत कर रहे हैं. वहीं पीढ़ियों से चली आ रही उनकी यह कला आज भी दशहरा उत्सव की तैयारियों का अहम हिस्सा बनी हुई है. हालांकि, इन कारीगरों के लिए यह काम सिर्फ परंपरा और हुनर तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार की आजीविका का जरिया भी है.

तनवीर बताते हैं कि पिछले 20 से 25 वर्षों से उनका परिवार पुतले बनाने का काम करता आ रहा है. लेकिन समय के साथ पुतले बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री महंगी हो गई है, जबकि मेहनताने में उस अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई. उनका कहना है कि मिलने वाली रकम से घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाता है. इसके बावजूद पारिवारिक परंपरा और रोजी-रोटी से जुड़े होने के कारण वे इस काम को जारी रखे हुए हैं.

रुद्रपुर में भी दशहरा की खास तैयारी: रुद्रपुर में इस बार दशहरा पर्व कई मायनों में खास है. शहर में पहले गांधी पार्क के नाम से पहचाने जाने वाले स्थल, जिसका नाम अब राम पार्क हो गया है, में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के विशाल पुतले तैयार किए गए हैं. इन पुतलों को बनाने का काम रामपुर का एक मुस्लिम परिवार वर्ष 1957 से करता आ रहा है. परिवार की कई पीढ़ियां इस परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं. कारीगर दिलशाद और उनके परिवार के लिए यह काम केवल रोजगार नहीं, बल्कि उनकी कला, मेहनत और साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है. इस बार 70 फीट का रावण, 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट का मेघनाथ का पुतला आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. वहीं, दशहरा के आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन तथा नगर निगम ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं.

More Stories

You may have missed