करवा चौथ के रंग में रंगी मसूरी की महिलाएं, दीपाली अग्रवाल और शिवाली गर्ग बनीं क्वीन
1 min read
अग्रवाल महासभा महिला प्रकोष्ठ के उत्सव में सामूहिक नृत्य और मनोरंजक खेलों की धूम, पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने बांधा समां
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में अग्रवाल महासभा महिला प्रकोष्ठ की ओर से करवा चौथ उत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लेकर माहौल को रंगीन बना दिया। कार्यक्रम में पूजा-अर्चना, सामूहिक नृत्य, मनोरंजक खेलों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं ने त्योहार की खुशियां साझा कीं। उत्सव के दौरान दीपाली अग्रवाल और शिवाली गर्ग को क्वीन चुना गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिलाओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर समां बांधा। मनोरंजक खेलों और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सोनल अग्रवाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं और गृहिणियों को एक मंच पर लाकर आपसी मेलजोल और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संजोए रखने में त्योहारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सामूहिक रूप से त्योहार मनाने से आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। साथ ही महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साह के साथ भागीदारी की। आयोजन के अंत में सभी ने एक-दूसरे को करवा चौथ की शुभकामनाएं दीं और चाट का आनंद लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला प्रकोष्ठ की सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सोनल अग्रवाल, सचिव सारिका अग्रवाल, कोषाध्यक्ष शिखा गोयल, सुनीता गोयल, मंजू अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल, सरिता गोयल, आभा अग्रवाल, मीना गोयल, श्वेता जिंदल, सुरभि गुप्ता, उपमा गुप्ता, श्वेता गोयल, मनीषी सिंगल, आशा गुप्ता और प्रभा अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

