July 29, 2026

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योग व सकारात्मक विचार से मनुष्य के रोग कट जाते है – डा. उदय शाह

मसूरी : कैमल्स बैक रोड स्थित वरिष्ठ नागरिक समिति मसूरी के सभागार में ध्यान एवं योग के माध्यम से स्वस्थ रहने के गुर आध्यात्मिक वैज्ञानिक डा. उदय शाह ने सिखाये। वहीं उन्होंने छाया शास्त्र पर आयोजित कार्यशाला में मनुष्य के शरीर पर आभा मंडल के पड़ने वाले प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


कैमल्स बैक रोड स्थित वरिष्ठ नागरिक समिति के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक वैज्ञानिक डा. उदय शाह ने पहले योग के माध्यम से रोगों के उपचार के बारे में बताया व उसके बाद मानव शरीर पर आभा मंडल के पड़ने वाले प्रभाव पर विस्तार से जानकारी दी। मुंबई से आये डा. उदय शाह ने बताया कि मानव शरीर के आभामंडल का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है अगर कोई मनुष्य सकारात्मक सोच के साथ कार्य करे व आध्यात्म से जुंडा रहे तो वह शून्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी किसी भी धर्म को मानता हो उसे साधना मेडिटेश व योग जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन पर पिछले जनम का गहरा प्रभाव रहता है अगर उनकी कोई इच्छा रह गई तो वह इस जनम में उसे कैसे पूरा करे उस दिशा में कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य मस्तिष्क से ही रोगों को पैदा करता है अगर उसकी सोच सकारात्मक होगी तो जल्दी से कोई रोग नहीं आयेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस बीमारी को लोग वंशानुगत कहते हैं ऐसा नहीं है वह उनके पिछले जनम के अनुसार होती है। अगर हम मन को मुक्त करेंगे तो शरीर से बीमारी भी मुक्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि जब से मनुष्य ने कुदरत के खाने पीने, सोचने के नियम तोड़े है उससे मुक्त होना होगा, मांसाहार छोड, सात्विक भोजन व शाकाहार को अपनाना होगा व प्रकृति से जुडना होता तो मानव स्वस्थ्य होना शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि मानव को पुरूषार्थ करना चाहिए लेकिन अधिक लालच नहीं करना चाहिए। इस मौके पर वरिष्ठ नागरिक समिति के सचिव नरेंद्र साहनी ने कहा कि डा. उदय शाह ने हिदुं संस्कृति को वैज्ञानिक परिपेक्ष से बताने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पूर्व जन्मों का प्रभाव मनुष्य पर रहता है इसके वैज्ञानिक आधार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किस तरह मनुष्य अपनी नकारात्मक सोच को सकारात्मक में बदले इसके बारे में बताया ताकि मनुष्य का जीवन सुखी हो सके। उन्होंने कहा कि मनुष्य को संतोष करना सीखना चाहिए यही स्वस्थ्य जीवन की कुंजी है। इस मौके पर जीके गुप्ता, डीके जैन, विक्रम सिंह नेगी, अमन, धनप्रकाश अग्रवाल, आर मूर्ति, सहित बड़ी संख्या मंे वरिष्ठा नागरिक मौजूद रहे।

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