October 1, 2026

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विभागीय वेब पोर्टल का एक्सेस रेवोक करने पर कंपनी के सीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज, पढ़ें पूरी खबर

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विभागीय वेब पोर्टल का एक्सेस रेवोक करने पर कंपनी सीईओ की परेशानियां बढ़ गई हैं. पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज की.

देहरादून: रायपुर थाना पुलिस ने विभागीय वेब पोर्टल और एप्लीकेशन के जरूरी Credentials/Access को बिना अनुमति रेवोक करने के मामले में एक निजी कंपनी के सीईओ के खिलाफ थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज किया है. इनमें चैंपियनशिप ट्रॉफी, उदयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और डिजिटल यूथ फेस्टिवल जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. जिनका संचालन संबंधित वेब पोर्टल और एप्लीकेशन के माध्यम से किया जा रहा है. साथ ही मामला महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर से जुड़ा है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के आईटी सेल नोडल अधिकारी आदर्श पंत ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई है कि विभाग की ओर से एक कंपनी को विभागीय वेब पोर्टल और एप्लीकेशन के निर्माण और तकनीकी संचालन का काम दिया गया था. इसके लिए कंपनी को विभाग की ओर से जरूरी Credentials और Access उपलब्ध कराए गए थे. शिकायत में आरोप है कि कंपनी के सीईओ निवासी नई दिल्ली ने बिना विभागीय सहमति और पूर्व सूचना के उपलब्ध कराए गए अलग-अलग Credentials और Access को रेवोक कर दिया.

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के आईटी सेल नोडल अधिकारी आदर्श पंत की शिकायत के आधार पर ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 43 और 66 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 324 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. साथ ही मामले की जांच निरीक्षक राकेश कुमार गुसाईं को सौंपी गई है.
-संजीत कुमार, थाना रायपुर प्रभारी-

इससे विभाग के महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के संचालन में तकनीकी व्यवधान पैदा होने की बात कही गई है. इनमें चैंपियनशिप ट्रॉफी, उदयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और डिजिटल यूथ फेस्टिवल जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, जिनका संचालन संबंधित वेब पोर्टल और एप्लीकेशन के माध्यम से किया जा रहा है. आईटी सेल के नोडल अधिकारी आदर्श पंत ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की.

बता दें कि यह मामला केवल एक तकनीकी विवाद नहीं है, बल्कि यह सरकारी डेटा सुरक्षा का भी मामला है. पोर्टल पर हजारों युवाओं और खिलाड़ियों का निजी डेटा होता है. यदि कंपनी बिना अनुमति के एक्सेस रेवोक कर सकती है, तो यह डेटा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है. इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल उठने लाजिमी हैं. वहीं सरकार को निजी कंपनियों के साथ अनुबंध करते समय डेटा सुरक्षा और एक्सेस कंट्रोल को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए. फिलहाल मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

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