April 15, 2026

News India Group

Daily News Of India

शिफन कोर्ट के बेघरों ने आवास उपलब्ध कराने के लिए हरीश रावत को ज्ञापन दिया।

मसूरी : शिफनकोर्ट आवासहीन निर्बल वर्ग एंव अनुसूचित जाति संघर्ष समिति मसूरी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन देकर रोपवे के नाम पर हटाये गये शिफन कोर्ट के बेघरों को आवास आंवटित करने में मदद करने की मांग की है।
ज्ञापन समिति के संयोजक प्रदीप भंडारी व शिफन कोर्ट समिति के लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को दिया जिसमें अवगत कराया गया है कि रोपवे के नाम पर शिफन कोर्ट में 80 सालों से रह रहे कुली, रिक्शा श्रमिकों एवं गरीब अनुसूचित जाति के लोगों को तीन वर्ष पूर्व 24अगस्त 2020 में हटा दिया तब विधायक गणेश जोशी व अधिकारियों ने 15 दिन में आवास उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था लेकिन तीन साल बीत जाने पर भी उन्हें आवास नही दिए गये। जबकि रोपवे के नाम पर वहां एक पत्थर तक नही लगाया गया जिससे साफ जाहिर है कि इन्हे एक साजिश के तहत हटाया गया। जबकि समिति लगातार संघर्ष कर रही है व गत एक मार्च 2023 से शहीद स्थल पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गये तब एसडीएम व नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने मौके पर आकर लिखित आश्वासन दिया कि उन्हें आवास आवंटित किए जायेगे जिस पर धरना स्थगित किया गया। जिस पर नगर पालिका ने बोर्ड में 19 अप्रैल को लंढौर आईडीएच में भूमि देने का प्रस्ताव पास किया लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इससे स्पष्ठ है कि नगर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता व मंत्री गणेश जोशी की सांठ गांठ के कारण आवास निर्माण का अनुंबंध हस्ताक्षरित नहीं हो पा रहा। उन्होंने पूर्व मंख्यमंत्री हरीश रावत से मांग की कि शिफन कोर्ट के बेघरों को आवास दिलवाने में मदद करे। इस पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आगामी 15 दिनों बाद जो मार्च निकाला जाना है उसमें शिफन कोर्ट की समस्या को भी जोड़ा जायेगा व मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जायेगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष संजय टम्टा, महामंत्री राजेंद्र सेमवाल, प्रदीप भंडारी, खीमानंद, रणजीत सिंह, विनोद टम्टा, जयपाल सिंह पंवार, भूपेंद्र सिह, मुकेश लाल, मोर सिंह, प्रताप, मनवर सिंह, आदि मौजूद रहे।

You may have missed