November 3, 2026

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झारखंड हाईकोर्ट को मिली डिजिटल ताकत, CJI सूर्यकांत ने डेटा सेंटर का किया उद्घाटन

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रांची में CJI सूर्यकांत ने झारखंड हाईकोर्ट परिसर में डेटा सेंटर का उद्घाटन किया. राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट.

रांचीः झारखंड की न्यायपालिका ने तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है. अब अदालतों में न्यायिक कामकाज को अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सोमवार देर शाम रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट परिसर में अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन किया. इसके साथ ही उन्होंने हाईकोर्ट की नई वेबसाइट, मोबाइल ऐप और छह महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत की. इस पहल से न सिर्फ जजों और अधिवक्ताओं को सहूलियत मिलेगी, बल्कि आम वादियों को भी घर बैठे कई न्यायिक सेवाओं का लाभ मिल सकेगा.

आधुनिक तकनीक से न्यायिक व्यवस्था होगी मजबूत

उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल CJI सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से न्यायपालिका की कार्यप्रणाली अधिक सुगम और प्रभावी होगी. इससे न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और लोगों को मिलने वाली सुविधाओं का विस्तार होगा. उन्होंने डिजिटल तकनीक को न्यायिक व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.

डेटा सेंटर से सुरक्षित रहेंगे न्यायिक रिकॉर्ड

करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार डेटा सेंटर को आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस किया गया है. इसमें हाई-परफॉर्मेंस GPU सर्वर, आधुनिक नेटवर्क सुरक्षा, निर्बाध बिजली आपूर्ति, केंद्रीकृत स्टोरेज और बैकअप सिस्टम की व्यवस्था है. इसके जरिए केस इंफॉर्मेशन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक न्यायिक रिकॉर्ड और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा. साथ ही न्यायालयों के महत्वपूर्ण और संवेदनशील डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा भी मजबूत होगी.

AI से जजों को मिलेगी कानूनी रिसर्च में मदद

इस डिजिटल पहल के तहत न्यायिक अधिकारियों को ‘सुप्रीम टुडे AI’ सॉफ्टवेयर की सुविधा भी दी जा रही है. इसकी मदद से जज पुराने फैसलों, कानूनी नजीरों और जरूरी संदर्भों को तेजी से खोज सकेंगे. इससे कानूनी शोध और आदेशों की ड्राफ्टिंग में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी. वहीं, ‘ड्रैगन स्पीच रिकग्निशन सॉफ्टवेयर’ के जरिए न्यायिक अधिकारी बोलकर आदेश और फैसले तैयार कर सकेंगे. इसकी खासियत यह है कि यह ऑफलाइन काम करेगा, जिससे न्यायिक दस्तावेजों की गोपनीयता बनी रहेगी.

सर्टिफाइड कॉपी के लिए अदालतों के चक्कर से मुक्ति

इस पूरी व्यवस्था का सीधा फायदा आम लोगों को मिलने वाला है. अब झारखंड के विभिन्न सिविल कोर्ट से जुड़े आदेशों और फैसलों की Certified Copy के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा. इसके लिए 24 घंटे ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. CJI सूर्यकांत ने भी अपने संबोधन में इस व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऑनलाइन सर्टिफाइड कॉपी मिलने से आगे की अपील से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी. इससे वादियों और अधिवक्ताओं को समय की बचत होगी और अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी.

नई वेबसाइट, ऐप से घर बैठे मिलेगी जानकारी

झारखंड हाईकोर्ट की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए वादी अपने मुकदमों की अद्यतन स्थिति, दैनिक आदेश और कॉज लिस्ट देख सकेंगे. अधिवक्ताओं के लिए पर्सनलाइज्ड कॉज लिस्ट की सुविधा भी उपलब्ध होगी. वे अपने नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मामलों की जानकारी हासिल कर सकेंगे और महत्वपूर्ण तारीखों को मोबाइल पर सेव कर सकेंगे. इससे मुकदमों की सुनवाई से जुड़ी जानकारी हासिल करना पहले की तुलना में आसान होगा.

इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह, न्यायमूर्ति एस. चंद्रशेखर और झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस सोनक समेत कई न्यायाधीश, न्यायिक पदाधिकारी, राज्य के मुख्य सचिव, महाधिवक्ता समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे.

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