देहरादून संकुल के प्रधानाचार्यों की बैठक में शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों पर मंथन।
1 min read

देहरादून। सरस्वती विद्या मंदिर, नई यमुना कॉलोनी, डाकपत्थर में देहरादून संकुल स्तरीय प्रधानाचार्य सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक में संकुल के 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों सहित आचार्य बंधु-बहनों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान आगामी शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियों के साथ विद्यालयी प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में संकुल प्रमुख डॉ. मनोज रयाल ने विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की। निर्णय लिया गया कि विज्ञान एवं गणित मेला 25 एवं 26 अगस्त को सरस्वती विद्या मंदिर मांडूवाला में तथा एथलेटिक्स प्रतियोगिता 29 एवं 30 अगस्त को सरस्वती विद्या मंदिर ढालीपुर में आयोजित की जाएगी। सभी विद्यालयों के लिए इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करना अनिवार्य किया गया।
बैठक में राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 25 सितंबर को अपने-अपने नगरों में भव्य कार्यक्रम आयोजित करने, संस्कृति बोध परीक्षा एवं परियोजना में विद्यालयों तथा विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर विद्यालयों में प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
प्रशासनिक एवं वित्तीय विषयों की समीक्षा करते हुए समय पर प्रांतीय निधियां प्रेषित करने, विद्यालय बजट, अंकेक्षण, संस्कार केंद्रों के प्रभावी संचालन तथा शिशु वाटिका के सभी आयामों पर कार्य करने पर जोर दिया गया।
शैक्षणिक सुधार के तहत ‘कक्षा शिक्षण में एआई का उपयोग’, ‘अंग्रेजी स्पोकन’ तथा ‘पंचपदीय पाठ योजना निर्माण’ विषयों पर संकुल स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करने पर सहमति बनी। साथ ही पंच परिवर्तन के अंतर्गत किए गए कार्यों एवं उनके परिणामों की समीक्षा की गई।
बैठक में पूर्व छात्र पंजीयन एवं पूर्व छात्र परिषद के गठन की प्रक्रिया तेज करने, वर्तमान छात्र संख्या की समीक्षा, अमृत महोत्सव के लिए 28 सदस्यीय घोष दल तैयार करने तथा विद्यार्थियों और आचार्य परिवार के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया गया। संकुल स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में अनुसूया जखमोला, वेद प्रकाश शर्मा, कली राम भट्ट, आशुतोष शर्मा, शिशुपाल रावत, महिताब गुसाईं, महेश गुप्ता, राकेश मेडोला, दीपा बिष्ट, दलवीर थापली सहित 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं आचार्य बंधु-बहन उपस्थित रहे।
