August 15, 2026

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Dehradun: सीबीआई कोर्ट का फैसला; करोड़ों के केसीसी घोटाले में यूजीबी के पूर्व मैनेजर सहित 10 को सजा

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वर्ष 2014-15 में हुए इस घोटाले में सीबीआई ने एक सप्ताह में तीन मामलों में सजा का एलान हुआ है। सभी में रामवतार सिंह दिनकर को चार-चार साल की सजा सुनाई गई है।

स्पेशल सीबीआई जज मदन राम की अदालत ने केसीसी घोटाले में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बाजपुर के पूर्व प्रबंधक रामवतार सिंह दिनकर को चार साल की सजा सुनाई है। इस मामले में नौ कर्जदारों को भी एक-एक साल की सजा सुनाई गई है।

वर्ष 2014-15 में हुए इस घोटाले में सीबीआई ने एक सप्ताह में तीन मामलों में सजा का एलान हुआ है। सभी में रामवतार सिंह दिनकर को चार-चार साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने दिनकर पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक ने 31 मार्च 2017 को सीबीआई देहरादून शाखा में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि वर्ष 2014-15 में बाजपुर शाखा के तत्कालीन मैनेजर आरएएस दिनकर ने केजीएन ट्रैक्टर्स एंड इक्विपमेंट्स और अन्य के साथ मिलकर वित्तीय घोटाला किया था। इसमें अपात्र लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) व फसल लोन वितरित किए गए।

यही नहीं कृषि टर्म लोन भी बांटे गए लेकिन इनमें कोई मार्जिन मनी जमा नहीं कराई गई। पूरी रकम केजीएन ट्रैक्टर डीलर के खाते में गई जिसे अन्य कामों में खर्च कर दिया गया। इससे बैंक को 4.81 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सीबीआई के अधिवक्ता अमरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में कुल 33 गवाह प्रस्तुत किए गए थे। इनके आधार पर न्यायालय ने राम अवतार सिंह दिनकर को चार साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। 

जबकि कर्ज लेने वाले दीदार सिंह, सतनाम सिंह, विनोद सिंह, इंदर प्रकाश सिंह, दीवान सिंह, मंगल सिंह, देवेंदर सिंह, राजवंत सिंह और शेर सिंह को एक-एक साल की कैद व 30-30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।

जागीर की मौत बताई पर नहीं दिया सबूत, जारी हुआ वारंट
इस प्रकरण में जागीर सिंह नाम का आरोपी अदालत में प्रस्तुत नहीं हुआ था। इस पर बचाव पक्ष ने कोर्ट को मौखिक रूप से बताया कि जागीर की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। अदालत ने जब साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा तो बचाव पक्ष के पास कोई जवाब नहीं था। ऐसे में अदालत ने जागीर सिंह के खिलाफ वारंट जारी किया है। सीबीआई अधिवक्ता ने बताया कि प्रकरण में 18 आरोपी थे जिनमें से मोहम्मद फुरकान, जागीर सिंह, दर्शन सिंह, अंग्रेज सिंह और अमरीक सिंह ने अपराध स्वीकार कर लिया था। लिहाजा उनका नाम प्रकरण से अलग करते हुए उन्हें सजा पहले सुना दी गई। इनके अलावा लच्छू सिंह और अब्दुल रशीद नाम के दो आरोपियों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी।

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