September 27, 2026

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उत्तराखंड में हुए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान पर बेंगलुरु पुलिस ने दर्ज की जीरो एफआईआर

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अनुष्ठान हलद्वानी में किया गया था. भाजपा ने इसे ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है. मामले में राहुल गांधी पर भी एफआईआर दर्ज है.

बेंगलुरु : बेंगलुरु पुलिस ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में रामलीला मैदान में हुए “शुद्धिकरण अनुष्ठान” के संबंध में एक शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की है. यह अनुष्ठान 8 अगस्त, 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद किया गया था. इसी घटना को लेकर देश भर में कम से कम आठ जगहों पर ऐसी ही FIR दर्ज की गई हैं.

एफआईआर बेंगलुरु के विधान सौधा पुलिस स्टेशन में ‘नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955′ की धारा 7(1)(c), 7(1)(d) और 7(1)(e), एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989’ की धारा 3(1)(u) और ‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’ की धारा 196(1)(b) के तहत दर्ज की गई है. भारतीय न्याय संहिता की यह धारा अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्य के भाव को बढ़ावा देने से संबंधित है.

कांग्रेस की एसटी (अनुसूचित जनजाति) इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष टी.आर. रामप्पा ने 31 अगस्त को विधान सौधा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने खड़गे के साथ जाति-आधारित भेदभाव का आरोप लगाया था. पुलिस ने बताया कि इसी आधार पर ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की गई है.

शिकायत में कहा गया है कि 10 अगस्त को स्थानीय BJP नेताओं ने शुद्धिकरण पूजा की. उन्हें लगा कि खड़गे के अनुसूचित जाति से होने के कारण मैदान ‘अपवित्र’ हो गया था. शिकायत में आरोप है कि उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मीडिया के सामने इस हरकत को सही ठहराया था.

शिकायत मिलने और कानूनी सलाह लेने के बाद, पुलिस ने चार सितंबर को मामला दर्ज किया. पुलिस ने बताया कि उत्तराखंड के नैनीताल इलाके के भाजपा नेताओं और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. खड़गे ने 13 अगस्त को राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया था और बाद में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाए थे.

अपने पत्र में खड़गे ने कहा कि जिस जगह उन्होंने रैली को संबोधित किया था, वहां की गई “शुद्धिकरण” की प्रक्रिया संविधान की भावना और मानवीय मूल्यों के खिलाफ थी और उन्होंने इस प्रथा को छुआछूत से जोड़ा. उन्होंने इसकी तुलना डॉ. बीआर अंबेडकर के 1927 के महाड सत्याग्रह से भी की, जो महाराष्ट्र के महाड में सार्वजनिक चावदार टैंक से अछूतों को पीने का पानी लेने का अधिकार दिलाने के लिए किया गया था.

हल्द्वानी पुलिस ने भी इस मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह एफआईआर एक शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने उस घटना को जातिवादी रंग दिया, जिसे आयोजकों ने एक सामान्य धार्मिक अनुष्ठान बताया था. कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया है.

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