August 23, 2026

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मुख्य सचिव ने जमरानी बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना एवं सौंग बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना की समीक्षा की, अधिकारियों को निर्देश दिए।

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देहरादून : मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने सोमवार को सचिवालय में जमरानी बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना एवं सौंग बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने दोनों परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने दोनों परियोजनाओं के पूर्ण किए जाने हेतु प्रत्येक कार्य के लिए टाईमलाईन निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के सभी कार्यों एवं समस्याओं के निस्तारण को प्राथमिकता पर लेते हुए परियोजनाओं का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
मुख्य सचिव ने जमरानी बाँध एवं सौंग बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना के विस्थापन एवं पुनर्वास कार्यों हेतु तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सौंग बाँध हेतु फॉरेस्ट क्लीयरेंस, एनवायरमेंट क्लीयरेंस एवं वन्यजीव क्लीयरेंस आदि के लिए लगातार प्रयास किए जाएं, साथ ही, जमरानी बाँध हेतु फॉरेस्ट स्टेज-2 क्लीयरेंस एवं नेशनल टाईगर कन्जर्वेशन ऑथोरिटी से क्लीयरेंस के कार्य में भी तेजी लाई जाए।
बैठक में बताया गया कि जमरानी बाँध के फेज-1 का कार्य, जिसमें गोला बैराज का निर्माण एवं 40 किमी लम्बी नहरों का निर्माण शामिल है, वर्ष 1981 में पूर्ण हो गया था। फेज-2 में 150.6 मी हाई रोलर कॉम्पैक्टेड कॉन्क्रीट डैम प्रस्तावित है, जिससे 117 एमएलडी पेयजल के साथ ही 14 मेगावॉट विद्युत उत्पादित होगी। परियोजना हेतु सेंट्रल वाटर कमिशन, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी ऑथोरिटी एवं जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय सहित फॉरेस्ट स्टेज-1 की स्वीकृति और पर्यावरणीय स्वीकृतियां ले ली गयी हैं। फॉरेस्ट स्टेज-2 क्लीयरेंस एवं नेशनल टाईगर कन्जर्वेशन ऑथोरिटी से क्लीयरेंस शीघ्र ही प्राप्त की ली जाएगी।
बताया गया कि सौंग बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना के द्वारा देहरादून शहर और आसपास के क्षेत्र की 10 लाख की आबादी को गुरुत्व आधारित 150 एमएलडी पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी। इस परियोजना से 3.5 किमी लंबी झील बनाएगी, जो पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण होगी। परियोजना हेतु हाईड्रोलॉजी क्लीयरेंस, भूवैज्ञानिक रिपोर्ट, जल परिवहन प्रणाली डिजाइन, फाउंडेशन इंजीनियरिंग और भूकंपीय पहलू सहित अन्य रिपोर्ट्स प्राप्त कर ली गयी हैं। परियोजना हेतु फॉरेस्ट क्लीयरेंस, एनवायरमेंट क्लीयरेंस एवं वन्यजीव क्लीयरेंस प्राप्त की जानी शेष हैं, जो शीघ्र प्राप्त कर ली जाएंगी।
इस अवसर पर सचिव हरी चन्द्र सेमवाल सहित मुख्य अभियंता सिंचाई मुकेश मोहन सही अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

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