August 10, 2026

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भाई की बेबस और लाचार पुकार, कहा- 5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो

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देवप्रयाग में अलकनंदा नदी के पास स्थित टोंडेश्वर घाट पर एक कांवड़िया गंगा की तेज धारा में बह गया.

पौड़ी: भाई का रिश्ता विपत्ति में ढाल और अटूट विश्वास का प्रतीक है. ये रिश्ता मुश्किल समय में भी साथ खड़े रहने की ताकत देता है. कुछ ऐसा ही कांवड़ यात्रा के दौरान देखने को मिला. बीते दिन टोंडेश्वर घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक कांवड़िया अचानक तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गया. आंखों के सामने छोटे भाई को गंगा की लहरों में समाता देख बड़े भाई की चीख-पुकार से पूरा घाट दहल उठा. हादसे के बाद सामने आए वीडियो में भाई लोगों से अपने छोटे भाई को बचाने की गुहार लगाता नजर आ रहा है. वह रोते-बिलखते हुए कहता सुनाई दे रहा है कि “कोई 5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को को बचा लो” भाई की आवाज में बेबसी और उसे बचाने की तड़प साफ सुनीं जा सकती है. लेकिन भाई की बेबसी कुछ पल बार चित्कार में बदल गई.

गौर हो कि भाई की ये फरियाद मौके पर मौजूद लोगों को भी झकझोर दिया और यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि कांवड़िया गंगा स्नान कर रहा था. इसी दौरान अचानक वह तेज और विकराल धारा की चपेट में आ गया और देखते ही देखते बहने लगा किनारे खड़ा उसका बड़ा भाई यह देखकर घबरा गया और मदद के लिए लोगों को पुकारने लगा. लेकिन बरसात के बीच उफनती गंगा की तेज धार के आगे उसकी तमाम कोशिशें बेबस साबित हुईं, वह अपने भाई को बचा नहीं सका.

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल सक्रिय कर दिया गया. बहने वाले युवक की पहचान आर्यन मिश्रा (24), पुत्र सतेंद्र मिश्रा, निवासी फरीदाबाद, हरियाणा के रूप में हुई है.
-रविंद्र भंडारी,सहायक उपनिरीक्षक-

घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. देवप्रयाग में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. ऐसे में यह हादसा एक बार फिर नदी के तेज बहाव के प्रति सावधानी बरतने की चेतावनी देता है. बरसात के मौसम में गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है. प्रशासन और पुलिस लगातार श्रद्धालुओं से अपील करता है कि वे बैरिकेडिंग के बाहर न जाएं और तेज बहाव वाले स्थानों पर स्नान करने से बचें. वहीं पौड़ी टोंडेश्वर घाट देवप्रयाग में अलकनंदा नदी के पास स्थित है.

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