September 28, 2026

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डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका की हत्या की साजिश का खुलासा, आतंकी के पास था घर का ब्लूप्रिंट

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संदिग्ध की पहचान 32 साल के मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के तौर पर हुई है. विस्तार से पढ़ें.

वॉशिंंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ है. बता दें, ईरानी सेना की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) से ट्रेनिंग पाए एक आतंकी ने इवांका ट्रंप को जान से मारने की पूरी योजना बना ली थी. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक न्यूज रिपोर्ट ने इसकी जानकारी दी है.

संदिग्ध की पहचान 32 साल के मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के तौर पर हुई है. उसने कथित तौर पर 2020 में राष्ट्रपति ट्रंप के पिछले कार्यकाल में दिए गए अमेरिकी ड्रोन हमले का बदला लेने की कोशिश की थी, जिसमें ईरानी मिलिट्री कमांडर कासिम सुलेमानी मारे गए थे.

आतंकी के पास था इवांका ट्रंप के घर का ब्लूप्रिंट
न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, अल-सादी के पास इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा घर का ब्लूप्रिंट था और उसने कथित तौर पर ऑनलाइन धमकियां पोस्ट करके अमेरिकियों को चेतावनी दी थी कि ‘न तो तुम्हारे महल और न ही सीक्रेट सर्विस तुम्हारी रक्षा करेगी’. पूर्व इराकी डिप्लोमैट एंटिफाध कंबर ने अखबार को बताया कि अल-सादी बार-बार इवांका ट्रंप को मारने की बात करता था ‘जिस तरह उसने हमारा घर जलाया था, उसी तरह ट्रंप का घर भी जला देगा.’

15 मई को गिरफ्तार किया गया
इराकी नागरिक को 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे अमेरिका भेज दिया गया. अधिकारियों का आरोप है कि उस पर यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में 18 हमलों और हमलों की कोशिशों में शामिल होने का आरोप है, जिसमें कथित तौर पर फायरबॉम्बिंग, शूटिंग, चाकू घोंपना और यहूदी जगहों और अमेरिकी डिप्लोमैटिक जगहों को निशाना बनाकर किए गए हमले शामिल हैं.

हिज़्बुल्लाह की तरफ से काम करता था
रिपोर्ट में कहा गया कि अल-सादी ईरान के सपोर्ट वाले मिलिशिया कताइब हिज़्बुल्लाह की तरफ से काम करता था और IRGC के साथ उसके करीबी रिश्ते थे. रिसर्चर और पहले बंधक रही एलिजाबेथ त्सुर्कोव ने कहा कि संदिग्ध के सुलेमानी और बाद में उसके बाद आए इस्माइल कानी से करीबी कनेक्शन थे. जांच करने वालों का यह भी आरोप है कि अल-सादी ने देशों के बीच आने-जाने और टेरर सेल के साथ कोऑर्डिनेट करने के लिए इराकी सर्विस पासपोर्ट और एक ट्रैवल एजेंसी का इस्तेमाल कवर के तौर पर किया. अपने कथित सीक्रेट रोल के बावजूद, वह अक्सर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था, यूरोपियन लैंडमार्क से सेल्फी और वेपन सिस्टम वाली तस्वीरें शेयर करता था.

अमेरिकी अधिकारी रखे हैं नजर
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, अल-सादी को अभी ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में अकेले रखा गया है, क्योंकि अमेरिकी अधिकारी अपनी जांच जारी रखे हुए हैं. इस बीच, प्लानिंग की सीधी जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन शुक्रवार (लोकल टाइम) को ईरान के खिलाफ मिलिट्री स्ट्राइक के एक नए राउंड की तैयारी कर रहा था. सूत्रों ने बताया कि हड़ताल पर कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है. कहा जा रहा है कि US मिलिट्री और इंटेलिजेंस कम्युनिटी के कई सदस्यों ने संभावित हमलों की खबर के बाद मेमोरियल डे वीकेंड के अपने प्लान कैंसिल कर दिए हैं.

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