July 24, 2026

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उत्तराखंड की बेटी सनाया भंडारी ने तीरंदाजी में जीता गोल्ड, ओलंपिक में प्रतिनिधित्व करना है लक्ष्य

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श्रीनगर की बेटी सनाया भंडारी ने सीबीएसई (CBSE) नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर गोल्ड जीता है.

श्रीनगर (गढ़वाल): उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल की होनहार तीरंदाज सनाया भंडारी (माही) ने एक बार फिर अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया है. बिजनौर में आयोजित सीबीएसई (CBSE) नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप में सनाया भंडारी ने दो स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है. सनाया भंडारी ने अंडर-14 वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगल और डबल दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल अपने नाम किए. उन्होंने इंडियन राउंड (70 मीटर एवं 30 मीटर) में सटीक निशानेबाजी का परिचय देते हुए यह उपलब्धि हासिल की. प्रतियोगिता में करीब 600 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जिनके बीच सनाया ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.

सनाया भंडारी की इस उपलब्धि के पीछे उनके कोच प्रतिभा धामी एवं कुलदीप बिष्ट का विशेष मार्गदर्शन और निरंतर प्रशिक्षण भी अहम रहा. दोनों प्रशिक्षकों के निर्देशन में उन्होंने लगातार अपनी तकनीक और प्रदर्शन में निखार लाते हुए राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है. यह सनाया भंडारी की लगातार तीसरी बड़ी उपलब्धि है. इससे पहले मार्च 2025 में उन्होंने आंध्र प्रदेश में आयोजित नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था. इसके बाद जून 2025 में नैनीताल में आयोजित 6वीं सब जूनियर (बालक एवं बालिका) तथा 8वीं सीनियर (पुरुष एवं महिला) स्टेट आर्चरी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता.

वहीं नवंबर 2025 में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में भी उन्होंने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. सनाया भंडारी नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य लखपत सिंह भंडारी की बेटी हैं. उनकी लगातार मिल रही सफलताएं उनकी मेहनत, अनुशासन, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम हैं. सनाया का लक्ष्य भविष्य में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए पदक जीतना है. उनकी यह उपलब्धि श्रीनगर गढ़वाल समेत पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है और क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी है. यदि उन्हें निरंतर बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिलते रहे, तो वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेंगी.

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