October 29, 2026

News India Group

Daily News Of India

डिम्मर गांव से बदरीनाथ रवाना हुई गाडू घड़ा कलश यात्रा, 23 अप्रैल को खुलेंगे धाम के कपाट

1 min read

कपाट खुलने के बाद गाडू घड़ा में रखे तिल के तेल से ही अगले 6 महीने तक बदरीनाथ भगवान की पूजा होगी

चमोली: भगवान बदरी विशाल के तेल कलश ‘गाडू घड़ा’ की द्वितीय चरण की यात्रा सोमवार को शुभारंभ हुआ. बदरीनाथ धाम के पुजारी समुदाय डिमरी के मूल गांव डिम्मर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से विधि-विधान, विशेष पूजन-अर्चन एवं बाल भोग के उपरांत वेद मंत्रोच्चार के बीच यात्रा का शुभारंभ हुआ.

बदरीनाथ धाम के लिए गाडू घड़ा यात्रा का दूसरा चरण शुरू: भगवान बदरी विशाल के तिल के तेल से भरे गाडू घड़ा की द्वितीय चरण की यात्रा विधि-विधान से शुरू हो गई है. श्री बदरीनाथ धाम के पुजारी समुदाय डिमरियों के मूल गांव डिम्मर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में विशिष्ट पूजन-अर्चन और बाल भोग के बाद वेद मंत्रोच्चार के बीच गाडू घड़ा बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुआ. यात्रा डिम्मर से उमट्ठा, पाखी, रविग्राम, लंगासू, चमोली, बिरही, पीपलकोटी होते हुए बदरीनाथ यात्रा मार्ग से आगे बढ़ रही है.

23 अप्रैल को गर्भगृह में होगा स्थापित गाडू घड़ा: सोमवार को गाडू घड़ा का रात्रि प्रवास ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर में हुआ. 22 अप्रैल को गाडू घड़ा श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगा. 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट उद्घाटन के साथ ही यह तिल के तेल का घड़ा गर्भगृह में स्थापित कर दिया जाएगा. परंपरा के अनुसार पूरे साल इसी तिल के तेल से भगवान बदरी विशाल का अभिषेक होता है.

गाडू घड़ा यात्रा के जगह-जगह स्वागत: डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गाडू घड़ा यात्रा में शामिल हैं. जगह-जगह पुष्प वर्षा और ढोल-दमाऊं के साथ गाड़ू घड़े का स्वागत किया जा रहा है. अब श्रद्धालुओं को केदारनाथ और बदरीनाथ धामों के कपाट खुलने का इंतजार है. केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को प्रातः 08:00 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे. उसके अगले दिन यानी 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. उसके बाद उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पूरी तरह से शुरू हो जाएगी.

More Stories

You may have missed