August 11, 2026

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रुद्रप्रयाग-अगस्त्यमुनि में स्ट्रीट डॉग का आतंक, 24 लोगों को काटा, क्षेत्र में दहशत का माहौल

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रुद्रप्रयाग अगस्त्यमुनि में स्ट्रीट डॉग के आतंक से लोग परेशान हैं. आए दिन स्ट्रीट डॉग लोगों पर हमला कर रहे हैं.

रुद्रप्रयाग: जिले में आवारा कुत्तों का आतंक अब खौफनाक रूप ले चुका है. रुद्रप्रयाग और अगस्त्यमुनि नगर क्षेत्रों में आक्रामक आवारा कुत्तों ने 24 लोगों पर हमला कर घायल कर दिया है. कुत्तों ने बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को अपना निशाना बनाया. कई लोगों के शरीर पर काटने से गहरे घाव आए हैं. एक के बाद एक लोगों पर हमले की घटनाओं से दोनों नगर क्षेत्रों में दहशत फैल गई और लोग घरों से निकलने में भी सहमे नजर आए.

आक्रामक एक कुत्ते ने रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में तीन लोगों को काटा, जबकि एक अन्य कुत्ते ने अगस्त्यमुनि में 21 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया. इतना ही नहीं, कुत्तों ने दूसरे कुत्तों पर भी हमला किया. उसके असामान्य और आक्रामक व्यवहार के बाद लोगों में उसके पागल अथवा संक्रमित होने की आशंका गहरा गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तत्काल हरकत में आया. नगर पंचायत अगस्त्यमुनि ने पशुपालन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद हमलावर कुत्तों को पकड़ लिया.

स्ट्रीट डॉग के काटने के बाद घाव को तत्काल पर्याप्त साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए. इसके बाद बिना देरी किए चिकित्सकीय उपचार लेना जरूरी है. चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने के साथ अस्पताल पहुंचकर रेबीज रोधी टीका भी लगवाना चाहिए. घाव पर मिर्च पाउडर, तेल, मिट्टी अथवा किसी अन्य घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल न करें. इससे घाव में संक्रमण और परेशानी बढ़ सकती है. कुत्ते के काटने के बाद समय पर उपचार लेना बेहद जरूरी है.
-चिकित्सक डॉ. शिवांशु, स्वास्थ्य विभाग रुद्रप्रयाग

रविवार को जहां रुद्रप्रयाग में एक आवारा कुत्ते को पकड़ा गया, वहीं सोमवार को दूसरे आवारा कुत्ते को पकड़कर जांच के लिए भेजा गया. कुत्ते को पकड़ने के बाद चिकित्सकों की टीम से उसकी जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि कुत्ते के आक्रामक व्यवहार के पीछे क्या कारण था और उसमें रेबीज संक्रमण की आशंका है या नहीं. प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय किया है.

नगर पंचायत और स्थानीय लोगों के सहयोग से हमलावर स्ट्रीट डॉग को पकड़ लिया गया है. चिकित्सकों की टीम को बुलाकर उसकी जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
-निकिता भट्ट, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत अगस्त्यमुनि-

नगर पालिका रुद्रप्रयाग के अधिशासी अधिकारी हरेन्द्र चौहान ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई. हमलावर कुत्ते को पकड़कर जांच कराई जा रही है. इसके साथ ही नगर क्षेत्र में घूम रहे आवारा कुत्तों की सूची तैयार कर उनकी निगरानी और जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. 24 लोगों के घायल होने से नगर क्षेत्रों में स्ट्रीट डॉग की समस्या को लेकर नगर निकायों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी घटना के बाद केवल एक-दो कुत्तों को पकड़ना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है.

आवारा और आक्रामक कुत्तों की पहचान, निगरानी, नसबंदी तथा आवश्यक नियंत्रण के लिए नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाना चाहिए.विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए नगर क्षेत्रों में ठोस व्यवस्था की मांग उठ रही है. लगातार सामने आ रही कुत्तों के हमले की घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है. अब देखना होगा कि प्रशासन और नगर निकाय इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए किस स्तर पर प्रभावी कदम उठाते हैं.

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