August 6, 2026

News India Group

Daily News Of India

देहरादून में स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार, जाम और सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

1 min read

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन परियोजना को नई गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार, यातायात पुलिस और संबंधित विभागों के संयुक्त प्रयास से शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर आधुनिक तकनीक आधारित ट्रैफिक सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है, ताकि नागरिकों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।

पिछले कुछ वर्षों में देहरादून में वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। कार्यालय समय, स्कूलों की छुट्टी और पर्यटन सीजन के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम आम समस्या बन चुका है। राजपुर रोड, घंटाघर, आईएसबीटी, बल्लूपुर चौक, प्रिंस चौक और सहारनपुर रोड जैसे इलाकों में अक्सर यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन परियोजना को शहर की जरूरतों के अनुरूप और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

प्रस्तावित योजना के तहत प्रमुख चौराहों पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे, जो वाहनों की संख्या के अनुसार ट्रैफिक सिग्नलों के समय को स्वतः नियंत्रित कर सकेंगे। इससे अनावश्यक प्रतीक्षा समय कम होगा और यातायात का प्रवाह बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इसके अलावा रेड लाइट जंप, ओवरस्पीडिंग और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान भी स्वचालित प्रणाली के माध्यम से की जा सकेगी।

परियोजना के तहत एक आधुनिक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की भी योजना है। यहां से पूरे शहर के प्रमुख मार्गों की निगरानी रियल टाइम में की जाएगी। किसी भी स्थान पर दुर्घटना, जाम या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर कंट्रोल सेंटर से तुरंत संबंधित पुलिस टीम और आपातकालीन सेवाओं को सूचना भेजी जा सकेगी। इससे प्रतिक्रिया समय कम होगा और यातायात व्यवस्था को तेजी से सामान्य किया जा सकेगा।

स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना भी है। आधुनिक कैमरों और निगरानी प्रणाली के माध्यम से नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी। इसके साथ ही प्रमुख सड़कों पर डिजिटल सूचना बोर्ड लगाए जाने की भी योजना है, जिनके माध्यम से वाहन चालकों को ट्रैफिक की स्थिति, वैकल्पिक मार्ग और मौसम संबंधी जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।

परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए नगर निगम, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और यातायात पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। संबंधित विभागों द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों का सर्वेक्षण किया जा रहा है ताकि यह तय किया जा सके कि किन चौराहों पर सबसे पहले आधुनिक उपकरण लगाए जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना निर्धारित समय पर लागू होती है तो देहरादून की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रणाली लागू होने से रोजाना लगने वाले जाम में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और यात्रा का समय भी कम होगा। वहीं पर्यटकों को भी शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था का लाभ मिलेगा, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

फिलहाल परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां जारी हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर देहरादून को एक स्मार्ट, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था वाला शहर बनाया जाए। यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो भविष्य में उत्तराखंड के अन्य प्रमुख शहरों में भी इसी मॉडल को अपनाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

You may have missed