August 31, 2025

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मसूरी में धूमधाम से मनाया जाएगा ईगास पर्व, होंगे सांस्कृति कार्यक्रमों, खेला जाएगा भैलों।

मसूरी : नगर प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से पहली बार पहाड़ों की रानी मसूरी में सार्वजनिक ईगास पर्व 4 नवंबर को मनाया जायेगा। जिसमें पहाड़ी लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी वहीं इस पर्व के महत्व के बारे में जानकारी युवा पीढ़ी व मसूरी घूमने आये पर्यटकों को मिल सकेगी।
एसडीएम मसूरी शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि चार नवंबर को ईगास का पर्व धूमधाम से मनाया जायेगा। कार्य क्रम जन सहभागिता के साथ आयोजित किया जायेगा। जिसके लिए भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल को आयोजन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। ईगास कार्यक्रम के लिए दो दल बनाये गये है जिसमें एक दल किताब घर से ढोल, दमाऊ रणसिंघा और मसकबीन के साथ नाचते और गाते भैलो खेलते हुए मॉल रोड होते हुए शहीद स्थल पहुंचेगा। दूसरा दल लंढौर से पिक्चर पैलेस मालरोड होते हुए ढोल, दमाऊ, रणसिंघा और मसक बीन के साथ नाचते गाते एवं भैलो खेलते हुए शहीद स्थल तक पहुंचेगा व शहीद स्थल में दोनों दलों का मिलन होगा तथा संयुक्त रूप से भैलो खेला जाएगा। उन्होंने बताया कि शहीद स्थल में दोनों टीमों के बीच रस्साकशी का मनोरंजक खेल भी होगा। जिसमें एक बार महिलाओं का तथा दूसरी बार केवल पुरुषों का खेल होगा। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोेजन भी किया जायेगा।  इसके पश्चात दोनों दल गांधी चौक की ओर जाएंगे और गांधी चौक में बोनफायर के साथ भैलो, लोक संगीत तथा लोक नृत्य का आयोजन किया जाएगा। इसी स्थान पर महिला स्वयं सहायता समूह एवं अन्य लोगों के माध्यम से उत्तराखंड के लजीज व्यंजनों के स्टॉल लगाये जायेंगे जिसमें सस्ती दरों पर सभी उपस्थित व्यक्तियों एवं पर्यटों को पहाड़ी भोज एवं पकवान उपलब्ध होगा। कार्यक्रम अपराहन छह बजे से नौ बजे रात्रि तक किया जायेगा। उन्होंने सभी से विशेष कर अनुरोध किया है सभी पहाड़ी पहनावे में शिरकत करें व अगर हो सके तो एक एक भैला स्वयं बनाकर लायें। वहीं ईगास समिति के अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने बताया कि कार्यक्रम के सरंक्षक एसडीएम मसूरी होंगे। व इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के कबीना मंत्री गणेश जोशी मौजूद रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां जोरशोर से की जा रही हैं व भैलों बनायेे जा रहे हैं वहीं मालरोड पर विभिन्न स्थानों पर पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉल लगाये जायेगे ताकि स्थानीय लोग सहित पर्यटक इनका आनंद ले सके। शहीद स्थल पर उत्तराख्ंाडी लोक संस्कृति के मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जायेगें व भैलों भी खेला जायेगा।

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