August 13, 2026

News India Group

Daily News Of India

एमपीजी कॉलेज में प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने की कवायद, सरकार ने प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की।

1 min read

मसूरी। एमपीजी कॉलेज, मसूरी में लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक एवं प्रबंधन संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालय में प्राधिकृत नियंत्रक (Authorized Controller) नियुक्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में विभाग की ओर से सार्वजनिक नोटिस जारी कर आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

वर्ष 1963 में स्थापित एमपीजी कॉलेज का संचालन अब तक प्रबंधन समिति के माध्यम से होता रहा है। महाविद्यालय हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर से संबद्ध है। विश्वविद्यालय की ओर से पूर्व में प्रबंधन समिति को सीमित अवधि के लिए अनुमोदन दिया गया था, लेकिन नगर निकाय चुनावों के बाद नई प्रबंधन समिति के अनुमोदन की प्रक्रिया लंबित है।

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, विश्वविद्यालय ने अपने पत्रों के माध्यम से नई प्रबंधन समिति के अनुमोदन का मामला विचाराधीन होने की जानकारी दी है। वहीं, अनुमोदन के अभाव में महाविद्यालय के संचालन के लिए अधिनियम के तहत वैधानिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है।

प्रबंधन संबंधी अनिश्चितता के चलते महाविद्यालय में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन भुगतान, नई नियुक्तियों, पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी मामलों के निस्तारण में दिक्कतें आने की बात सरकार के संज्ञान में आई है। इसके अलावा शैक्षणिक गतिविधियों पर असर, छात्र संख्या में गिरावट तथा वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जैसी परिस्थितियों को भी सरकार ने गंभीरता से लिया है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा 57 एवं 58 के तहत प्राधिकृत नियंत्रक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की है। सरकार का कहना है कि इससे महाविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा और छात्रों तथा कर्मचारियों के हित सुरक्षित रहेंगे।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि प्रस्तावित कार्रवाई पर किसी व्यक्ति अथवा संस्था को आपत्ति हो तो वह निर्धारित तिथि से एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष लिखित रूप में सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड शासन के समक्ष डाक, ई-मेल secy-hedu-ua@nic.in अथवा व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत कर सकता है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का उद्देश्य महाविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करते हुए सामान्य शैक्षणिक वातावरण को पुनः स्थापित करना है।

You may have missed