February 17, 2026

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राजकीय महाविद्यालय नैनबाग एवं उत्तराखंड जैविक उत्पाद बोर्ड देहरादून के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत होने वाले कार्यक्रम पर चर्चा।

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टिहरी : राजकीय महाविद्यालय नैनबाग एवं उत्तराखंड जैविक उत्पाद बोर्ड देहरादून के मध्य समझौता ज्ञापन के अंतर्गत आगामी सत्रों में छात्र छात्राओं के लिए सर्टिफिकेट कोर्स एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन पर बैठक हुआ। दिनांक 29 मई 2023 को राजकीय महाविद्यालय नैनबाग प्राचार्य प्रोफेसर सुमिता श्रीवास्तव के नेतृत्व में समझौता ज्ञापन के समन्वयक डॉo मधु बाला जुवाॅठा, आइक्यूएसी के समन्वयक परमानंद चौहान एवं प्राध्यापक डॉo ब्रीश कुमार, उत्तराखंड जैविक उत्पाद बोर्ड देहरादून के प्रबंध निदेशक (MD) विनय कुमार, उत्तराखंड जैविक उत्पाद बोर्ड के तकनीकी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव एवं संजीव श्रीवास्तव से मुलाकात की। दोनों संस्थाओं के मध्य पूर्व में हुए समझौता ज्ञापन के तहत आगामी सत्रों में महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के लिए जैविक खेती पर सर्टिफिकेट कोर्स एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर चर्चा हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सुमिता श्रीवास्तव ने बताया कि नैनबाग की स्थानीय परिवेश के अनुसार यहां के छात्र छात्राओं के लिए जैविक खेती पर आधारित कार्यक्रम काफी लाभदायक सिद्ध होंगे इस हेतु जैविक उत्पाद बोर्ड के साथ मिलकर सर्टिफिकेट कोर्स एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा, जिससे कि नैनबाग क्षेत्र में जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा सके तथा छात्रों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके। समझौता ज्ञापन के समन्वयक डॉo मधु बाला जुवाॅठा ने कहा कि समझौता ज्ञापन के अंतर्गत पूर्व में भी जैविक उत्पाद बोर्ड से मिलकर कार्यक्रम कराए गए हैं, तथा आगे आने वाले सत्रों में भी जैविक खेती से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा इससे छात्र छात्राओं को जैविक खेती के संबंध में समझ बढ़ेगी तथा वह अपना कैरियर इस क्षेत्र में बना सकेंगे। वर्तमान समय स्वरोजगार के लिए उपयुक्त है तथा इस हेतु महाविद्यालय द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार से संबंधित कोर्स एवं प्रशिक्षण प्राप्त हो सके जिससे कि छात्र-छात्राएं अपना करियर संवार सकें। आइक्यूएसी के समन्वयक परमानंद चौहान ने बताया कि इस बातचीत से दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार की तरफ बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा तथा हम एक स्वस्थ खेती की तरफ अग्रसर हो सकेंगे। उपरोक्त चर्चा में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉक्टर बीश कुमार भी शामिल रहे।

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