रुद्रप्रयाग में बारिश से आपदा जैसे हालात, खतरे के निशान के ऊपर नदियां, पुल डूबा, अगस्त्यमुनि में कार के ऊपर गिरा बोल्डर
1 min readरुद्रप्रयाग में बारिश ने मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं. अलकनंदा-मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही. पैदल पुल भी डूबा.![]()
रुद्रप्रयाग: देवभूमि उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग जनपद लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की मार झेल रहा है. बीते कई घंटों से जारी वर्षा ने पूरे जिले में हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं. अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. नदी का रौद्र रूप देखकर लोगों में भय बना हुआ है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. उधर अगस्त्यमुनि में एक कार के ऊपर बोल्डर गिर गया.
रुद्रप्रयाग नगर में सबसे चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. वाल्मीकि बस्ती और जिला चिकित्सालय को जोड़ने वाला पैदल पुल अलकनंदा के उफनते पानी में पूरी तरह डूब गया है. नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में पानी पहुंच चुका है. कई परिवारों ने एहतियातन अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों का रुख किया है, जबकि अनेक लोग पूरी रात दहशत के बीच जागकर बिताने को मजबूर हैं.
अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का विकराल रूप जिले के लिए लगातार खतरे की घंटी बना हुआ है. दोनों नदियों का तेज बहाव अपने साथ भारी मात्रा में मलबा और पेड़ बहाकर ला रहा है. नदी किनारे रहने वाले लोगों में किसी भी समय हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है.
उधर, केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भारी भूस्खलन और पहाड़ियों से लगातार मलबा और विशाल बोल्डर गिरने के कारण यातायात ठप हो गया है. मार्ग कई जगह अवरुद्ध है, जिससे केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी है. हजारों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है.
विजयनगर क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक विशाल बोल्डर गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही क्षणों का अंतर बड़ा हादसा टाल गया. लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों में दरारें बढ़ रही हैं और नए भूस्खलन का खतरा हर पल बना हुआ है.
अगस्त्यमुनि में भी हालात बेहद चिंताजनक हैं. आवासीय भवनों के आसपास और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई है. कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. निचले इलाकों में रहने वाले लोग लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं. यहां एक कार के ऊपर बड़ा बोल्डर गिर गया. गनीमत रही कि उस समय कार के अंदर कोई नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
रुद्रप्रयाग जिले के अनेक लिंक मार्ग और मुख्य सड़कें भूस्खलन की चपेट में हैं. पहाड़ों से लगातार गिर रहा मलबा और बोल्डर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए भी चुनौती बने हुए हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की जेसीबी और अन्य भारी मशीनें युद्धस्तर पर मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है और कई स्थानों पर बार-बार मलबा आने से रास्ते दोबारा बंद हो जा रहे हैं.
पूरे जिले में भय और अनिश्चितता का माहौल है. लोग मौसम की हर नई सूचना पर नजर बनाए हुए हैं. नदी किनारे बसे गांवों और कस्बों में रहने वाले परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है. प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य आपदा राहत एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है.
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना अत्यंत आवश्यक कारण घरों से बाहर न निकलें, नदी-नालों के समीप जाने से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के बीच यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले घंटों में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और हर परिस्थिति में सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है.
