July 7, 2026

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चंपावत DM का UPCL दफ्तर में छापा, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत 6 कर्मचारी गायब मिले, शिकायतकर्ता को लगाया फोन

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डीएम मनीष कुमार ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में लापरवाही पर कर्मचारियों को फटकारा, 88 हजार के बिजली बिल मामले की जांच के निर्देश दिए

चंपावत: जिलाधिकारी मनीष कुमार यूपीसीएल (Uttarakhand Power Corporation Limited) कार्यालय में छापा मारा. छापे ने कार्यालय की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी. निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता समेत छह कर्मचारी समय से पहले कार्यालय से नदारद मिले. सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में भी गंभीर लापरवाही सामने आई. इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया. विवादित बिजली बिल की जांच के आदेश दिए और अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश जारी किए.

चंपावत डीएम का यूपीसीएल दफ्तर में छापा: चंपावत जनपद में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को यूपीसीएल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सहित छह कार्मिक कार्यालय समय से पहले अनुपस्थित मिले. इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए.

छापे के दौरान एग्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत 6 कर्मचारी गायब मिले: निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों, आरटीआई रजिस्टर, कार्यालय अभिलेखों, कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यालय व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.

शिकायतकर्ता से डीएम ने खुद की फोन पर बात: इस दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज एक शिकायतकर्ता से स्वयं दूरभाष पर बात कर उसकी समस्या की जानकारी ली. शिकायतकर्ता ने बताया कि नवंबर 2025 में 14 हजार रुपये तथा फरवरी 2026 में 6,075 रुपये का बिजली बिल जमा करने के बावजूद मार्च और अप्रैल माह का करीब 88 हजार रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया गया. कई बार शिकायत करने के बाद भी विभाग ने समस्या का समाधान नहीं किया.

एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से मांगा जवाब: मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने प्रथम दृष्टया विभागीय लापरवाही बताते हुए अधिशासी अभियंता को तत्काल स्पष्टीकरण देने, निष्पक्ष जांच कराने और निर्धारित समय सीमा में शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है. इसमें किसी भी प्रकार की उदासीनता या टालमटोल स्वीकार नहीं की जाएगी.

जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीमांत क्षेत्र सौरई एवं तामली में बार-बार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति और झूलते बिजली के तारों पर भी नाराजगी जताई. संबंधित अधिकारियों को विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार, झूलते तारों को दुरुस्त करने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी विभागों को पारदर्शी, प्रभावी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी.

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