October 24, 2026

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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए मानसून के दौरान सतर्क रहने के निर्देश

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देहरादून। मानसून सीजन के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने जिले के सभी विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में आपदा प्रबंधन, सड़क मार्गों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली एवं पेयजल आपूर्ति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के पूरे मौसम में पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में मानसून के दौरान भूस्खलन, बादल फटना, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ना तथा सड़क मार्गों का अवरुद्ध होना आम चुनौतियां हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और समय पर राहत पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाए रखें और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों की सूची को अद्यतन रखा जाए और उन स्थानों पर नियमित निगरानी की जाए जहां भूस्खलन या जलभराव की संभावना अधिक रहती है।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख सड़क मार्गों, पुलों और पुलियों का नियमित निरीक्षण किया जाए। जहां कहीं भी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, वहां तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जाए ताकि आवागमन बाधित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जेसीबी मशीनें, पोकलेन, डंपर और अन्य आवश्यक उपकरण संवेदनशील स्थानों के निकट पहले से ही तैनात रखे जाएं, जिससे सड़क बंद होने की स्थिति में तुरंत मार्ग बहाल किया जा सके।

बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए गए कि जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा जाए। कंट्रोल रूम में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ-साथ सभी तहसीलों और ब्लॉक स्तर पर भी आपातकालीन संपर्क व्यवस्था मजबूत की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि मौसम विभाग से प्राप्त होने वाली चेतावनियों को तुरंत संबंधित विभागों और आम जनता तक पहुंचाया जाए, ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें और अनावश्यक जोखिम से बच सकें।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा एम्बुलेंस सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में घायलों को तत्काल उपचार मिलना चाहिए। साथ ही जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए गए।

पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवा, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राहत एवं बचाव दलों को हर समय तैयार रखा जाए ताकि किसी भी दुर्घटना या आपदा की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और नदी-नालों के किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए।

बैठक के दौरान बिजली और पेयजल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भारी बारिश के दौरान सेवाएं बाधित होने की स्थिति में मरम्मत दल तुरंत मौके पर पहुंचें और न्यूनतम समय में आपूर्ति बहाल करें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं और विद्युत लाइनों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत जिला प्रशासन या कंट्रोल रूम को दें। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपनी कार्ययोजना के अनुसार पूरी तैयारी रखे और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से मानसून के दौरान संभावित आपदाओं का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा तथा जिले में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

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