October 18, 2026

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हर की पैड़ी पर अब नहीं सुनाई देगी ‘भंडारा कर दो बाबूजी’ की आवाज, भंडारा किंग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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हरिद्वार में भंडारा किंग के नाम से प्रसिद्ध रमाशंकर गुप्ता की संदिग्ध परस्थितियों में मौत हो गई है, उनका शव शौचालय से मिला है

हरिद्वार: हर की पैड़ी के पास शिव सेतु पर वर्षों तक भंडारे का खाना बेचने वाले रमाशंकर गुप्ता का निधन हो गया है. वो भंडारा किंग के नाम से प्रसिद्ध थे. बीते गुरुवार को रमाशंकर गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. हरकी पैड़ी के पास एक सार्वजनिक शौचालय से उनका शव बरामद हुआ है. फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है. नियमों में अनुसार 72 घंटे बाद यानी रविवार को बरामद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा.

हर की पैड़ी पर ‘भंडारा कर दो बाबूजी’ कहने वाले रमाशंकर नहीं रहे: भंडारे का सामान बेचने के चलते ही रमाशंकर गुप्ता सोशल मीडिया पर फेमस हुए थे और सोशल मीडिया ने ही उन्हें भंडारा किंग नाम दिया. लेकिन हरकी पैड़ी के पास शिव सेतु पर गूंजने वाली आवाज भंडारा कर दो बाबूजी, 100 में पांच बाबा, 200 रुपये में 11 बाबा खाएंगे, सुनाई देने वाली आवाज अब हमेशा के लिए खामोश हो गई है.

भंडारा किंग के नाम से मशहूर थे रमाशंकर गुप्ता: बाहर से हरिद्वार और खासकर हर की पैड़ी आने वाले श्रद्धालुओं के बीच भंडारा किंग बाबा के नाम से प्रसिद्ध रमाशंकर गुप्ता का दो दिन पहले निधन हो गया था. उनके निधन से हरिद्वार की एक ऐसी आवाज दब गई है, जिसे हर की पैड़ी आने वाला लगभग हर श्रद्धालु जानता था. शुक्रवार को सोशल मीडिया पर भंडारा किंग रमाशंकर गुप्ता की अलग अलग पोस्ट वायरल होती रहीं. हालांकि उनकी हरिद्वार में मौत की पुष्टि नहीं हो रही थी. हरकी पैड़ी के पास एक सार्वजनिक शौचालय से उनका शव बरामद हुआ था. रमाशंकर का कोई रिश्तेदार नहीं था, इसलिए उनकी शिनाख्त के लिए शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया था.

खाना बेचकर करते थे गुजर-बसर: हरकी पैड़ी के पास सुभाष घाट पर होटल चलाने वाले समाजसेवी कमल खड़का ने बताया कि-

रमाशंकर गुप्ता कई साल पहले हरिद्वार आए थे और हरकी पैड़ी के आसपास पहले गुजर बसर करते थे. बाद में उन्होंने खाना बेचने का काम सीख लिया था. आसपास की दुकानों से खाना लेकर वो कमीशन पर बेचते और मेहनत की कमाई से अपना खर्च चलाते थे. वो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के निवासी थे लेकिन वर्षों पहले हरिद्वार को ही अपना ठिकाना बना लिया था.
-कमल खड़का, समाजसेवी-

जरूरतमंदों के लिए भंडारा कराने की अपील करते थे: कमल बताते हैं कि वह रोजाना हर की पैड़ी के निकट शिवसेतु पर बैठकर आने जाने वाले श्रद्धालुओं से हाथ जोड़कर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए भंडारा कराने की अपील करते थे. इसके लिए ही उन्हें कमीशन मिलता था.

शिव सेतु की आवाज थे रमाशंकर गुप्ता: सिक्के और प्रसाद की दुकान चलाने वाले दुकानदार कालू वर्मा ने बताया कि-

भंडारा कर दो बाबूजी की आवाज शिव सेतु की पहचान बन चुकी थी. कुछ समय पहले एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने उनकी वीडियो बनाई और वो भंडारा किंग के नाम से मशहूर हो गए. कुछ दिन पहले सोशल मीडिया वाले उन्हें अपने साथ भी ले गए थे.
-कालू वर्मा, दुकानदार-

अब कभी नहीं सुनाई देगी रमाशंकर गुप्ता की आवाज: कालू वर्मा ने बताया कि हरकी पैड़ी पर आने वाले श्रद्धालु उन्हें देखते ही रुक जाते थे और अपनी श्रद्धा के अनुसार सहयोग करते थे. अब उनकी आवाज कभी सुनाई नहीं देगी, यह सोचकर ही मन दुखी हो जाता है.

दुकानदार हरीश कुमार ने बताया कि-

रमाशंकर गुप्ता का पूरा जीवन सेवा में बीता. उन्होंने कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगा, बल्कि हमेशा दूसरों का पेट भरने की चिंता की. भंडारा कर दो बाबूजी सिर्फ एक आवाज नहीं थी, बल्कि हजारों जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन जुटाने का माध्यम थी. उनकी आवाज सुनकर गरीब और जरूरतमंद लोग हरकी पैड़ी के पास इकठ्ठा हो जाते थे. बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा दिया भंडारा खाकर अपनी भूख मिटाते थे.
-हरीश कुमार, दुकानदार-

हरीश बताते हैं कि भले ही इस काम के लिए रमाशंकर को कमीशन मिलता था, लेकिन उनके जरिए भूखों को दो वक्त की रोटी मिल जाती थी. लेकिन आज वो आवाज खामोश हो गई है.

हर की पैड़ी के पास टॉयलेट से मिला शव: नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि-

हरकी पैड़ी के पास टॉयलेट से अज्ञात शव मिला था. बरामद शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया था. रमाशंकर के रूप में मृतक की शिनाख्त हुई है, जो हरकी पैड़ी क्षेत्र में ही रहते थे. मृतक के परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
-कुंदर सिंह राणा, कोतवाली प्रभारी-

 

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