May 22, 2026

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उत्तराखंड यमुनोत्री धाम का खुला खजाना, मंदिर समिति की छप्परफाड़ हो रही कमाई

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यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालु खुलकर चढ़ावा चढ़ा रहे हैं. जिससे मंदिर समिति की आय में इजाफा हो रहा है.

उत्तरकाशी (उत्तराखंड): विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगातार धाम पहुंच रही है. मां यमुना के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिसका असर मंदिर समिति की आय पर भी साफ दिखाई दे रहा है. यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक मंदिर समिति की आय में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. गुरुवार को यमुनोत्री धाम मंदिर परिसर में स्थापित दान पात्र को मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज, राजस्व विभाग तथा पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में खोला गया. इसके बाद दान पात्र में प्राप्त धनराशि की गणना की गई. दान पात्र खोलने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई गई.

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल को यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे. कपाट खुलने के बाद बीते 32 दिनों के भीतर यमुनोत्री मंदिर समिति को कुल 23.5 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है. इसमें दान पात्र से लगभग 15.5 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई, जबकि रसीद बुक के माध्यम से करीब 7.5 लाख रुपये की आय दर्ज की गई है. मंदिर समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ आय में भी लगातार इजाफा हो रहा है. यात्रा सीजन के दौरान अब तक लगभग सवा तीन लाख श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचकर मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं.

लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या से पूरे क्षेत्र में रौनक बनी हुई है. यात्रा मार्ग पर होटल व्यवसायी, घोड़ा-खच्चर संचालक, दुकानदार और स्थानीय व्यापारी भी उत्साहित नजर आ रहे हैं. श्रद्धालुओं की आवाजाही से स्थानीय व्यापार को भी अच्छा लाभ मिल रहा है. मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल और पुरोहित समाज के मनमोहन उनियाल ने बताया कि धाम में कई व्यवस्थागत चुनौतियों और अव्यवस्थाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार उमड़ रही है. उन्होंने कहा कि यदि यात्रा व्यवस्थाएं और अधिक मजबूत तथा सुविधाजनक बनाई जाएं तो मंदिर समिति की आय में और अधिक वृद्धि हो सकती है. उन्होंने धाम में यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, बेहतर व्यवस्थाओं और आय के नए स्रोत विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

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