March 27, 2026

News India Group

Daily News Of India

यूकेडी-स्वाभिमान मोर्चा करे चुनावी गठजोड़,पहाड़ बचाना है तो निजी स्वार्थ और अहंकार त्यागेे

1 min read

यूकेडी-स्वाभिमान मोर्चा करे चुनावी गठजोड़

– पहाड़ बचाना है तो निजी स्वार्थ और अहंकार त्यागेे

– केवल 20 सीटों पर ही करें फोकस, संभलो जरा।

धामी सरकार ने आज मंत्रिमंडल विस्तार कर दिया। इसमें रुद्रप्रयाग के गुमनाम विधायक भरत चौधरी ओर कुमाऊं भीमताल से राम सिंह कैड़ा को जगह मिली है। दोनों ही भाजपा के लो-प्रोफाइल नेता हैं यानी जी-हुजूर वाले। मतलब अगले आठ-दस महीने चुप ही रहेंगे। इसे भविष्य की बुनियाद भी कह सकते हैं। तय है कि परिसीमन होगा ओर यदि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन हुआ तो पहाड़ की सीटों में भारी कमी आएगी और तब सरकारों का बचा-खुचा फोकस भी पहाड़ से दूर हो जाएगा। पहाड़ के नेताओं ने इसी लिए पहाड़ से पलायन कर मैदानों में अपना डेरा जमाया।

यह बेहद मुश्किल भरी और फैसले की घड़ी है कि यूकेडी, स्वाभिमान मोर्चा और अन्य छोटे क्षेत्रीय दल अपनी छोटी सी राजनीतिक जमीं कैसे बचाते हैं। यूकेडी को आज तक ढंग का एक भी अध्यक्ष नहीं मिला जो पार्टी को ग्रासरूट तक ले जाता। मौजूद अध्यक्ष भी हवा में उड़ रहे हैं कि किसी से चुनावी गठजोड़ नहीं करेंगे। जबकि यूकेडी को पिछले चुनाव में एक प्रतिशत वोट भी नहीं मिला। यूकेडी को चाहिए कि वह सभी टुन्नी मछलियों यानी छोटे दलों को एकजुट करें और जहां जो दल मजबूत है, उसे टिकट देकर सामूहिक चुनाव लड़ने की तैयारी करें। कामन मिनिमम प्रोग्राम बनाएं।

क्षेत्रीय दलों को प्रमुख 20 सीटों पर मजबूती से लड़ना चाहिए। बाकी पर भी लड़े लेकिन 20 पर फोकस हो। समुद्र में टुन्नी मछलियां शार्क से तभी बच सकती हैं जब वो अपना आकार शार्क से भी बड़ा बना लें। अभी 10 -11 महीने बाकी हैं। इस दिशा में विचार कर लो और काम कर लो। वरना सोशल मीडिया पर लाइक, शेयर करना बेहद आसान है। मुझे भी हर महीने 25 से 30 लाख व्यू औंर हजारों कमेंट्स मिलते हैं, लेकिन जब थाने या कोर्ट कचहरी जाना पड़ता है तो मैं अकेला होता हूं। समझो और संभल जाओ, एकजुट हो जाओ वरना बची-खुची राजनीतिक जमीन भी खो दोगे।

You may have missed