March 1, 2026

News India Group

Daily News Of India

केदारनाथ धाम शीतकालीन प्रवास की ओर, कल कपाट होंगे बंद..

1 min read

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में शीतकालीन विश्राम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कल, यानी 23 अक्टूबर को प्रातः 8:30 बजे, भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए विधिवत रूप से बंद कर दिए जाएंगे। इससे पहले सोमवार को पूरे धाम को फूलों से सजाया गया, और भक्तों की भारी भीड़ ने अंतिम दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

सभामंडप में विराजमान हुई डोली

कपाट बंद होने की पूर्व संध्या पर भगवान केदारनाथ की डोली (चल विग्रह) को विशेष वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के साथ सभामंडप में विराजमान कर दिया गया। कल प्रातः डोली रवाना होगी और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भव्य यात्रा के साथ भगवान की शीतकालीन गद्दी स्थल – ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचाई जाएगी।

श्रद्धालुओं का सैलाब

कपाट बंद होने की खबर से देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने सोमवार को अंतिम दर्शन किए। मंदिर परिसर और मार्गों पर “हर हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए थे, जिसमें मेडिकल सुविधा, सुरक्षा बलों की तैनाती और मौसम को देखते हुए मार्गों की निगरानी शामिल थी।

फूलों से सजा केदारनाथ धाम

कपाट बंद होने से पहले केदारनाथ मंदिर को 20 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया। इस सजावट में गेंदे, गुलाब, रजनीगंधा और अन्य रंग-बिरंगे फूलों का उपयोग हुआ, जिससे पूरी धाम नगरी भक्तिमय और दिव्य वातावरण से भर गई।

तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में होगा कपाट बंद

कपाट बंद होने की प्रक्रिया तीर्थ पुरोहितों, बदरी-केदार मंदिर समिति और पंच केदार गद्दीस्थल के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाएगी। सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद विधिवत मंत्रोच्चार के बीच कपाट बंद किए जाएंगे।

शीतकालीन प्रवास

कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की चल विग्रह डोली पंचकेदार गद्दीस्थल ऊखीमठ ले जाई जाएगी, जहां आगामी छह माह तक पूजा-अर्चना ओंकारेश्वर मंदिर में की जाएगी। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और शीतकाल के दौरान भी भक्त ऊखीमठ जाकर बाबा केदार के दर्शन कर सकते हैं।


Chardham Yatra 2025 का समापन चरण

केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा 2025 अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर रही है। आने वाले दिनों में बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।


निष्कर्ष:
भगवान केदारनाथ के कपाट बंद होने की इस आध्यात्मिक प्रक्रिया ने एक बार फिर श्रद्धा, परंपरा और प्रकृति के सामंजस्य का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है। शीतकाल में ऊखीमठ में बाबा केदार की आराधना जारी रहेगी, और अगले वर्ष वसंत ऋतु में कपाट पुनः खोलने के साथ यात्रा का नया अध्याय शुरू होगा।

2 thoughts on “केदारनाथ धाम शीतकालीन प्रवास की ओर, कल कपाट होंगे बंद..

  1. Thank you for your sharing. I am worried that I lack creative ideas. It is your article that makes me full of hope. Thank you. But, I have a question, can you help me?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed