पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस से डीएनए जांच की मांग
23 वर्षीय बेटे की पहचान को लेकर महिला ने पुलिस मुख्यालय में दिया प्रार्थना पत्र, महिला सीओ को सौंपी गई जांच
देहरादून। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत पर वर्ष 2003 में दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए एक महिला ने पुलिस मुख्यालय में प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। महिला ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया था। अब उनका 23 वर्षीय बेटा अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। महिला ने बेटे की पहचान स्पष्ट करने के लिए डीएनए टेस्ट कराने की मांग भी की है।
पुलिस मीडिया सेल की ओर से शनिवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, वादिनी इंदिरा डेंजी (जैनी) की ओर से सात नवंबर को पुलिस मुख्यालय को भेजा गया प्रार्थना पत्र देहरादून पुलिस को प्राप्त हुआ। इसमें महिला ने आरोप लगाया कि वर्ष 2003 में हरक सिंह रावत ने उनके साथ दुष्कर्म किया था। महिला का आरोप है कि उस समय आरोपी ने अपनी राजनीतिक पहुंच और सरकार में पद का फायदा उठाकर मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने दी।
महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि घटना के परिणामस्वरूप जन्मा उनका 23 वर्षीय पुत्र वर्तमान में अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने मामले में डीएनए परीक्षण कराने के साथ ही वर्ष 2003 की घटना में विधि सम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने महिला क्षेत्राधिकारी डोईवाला वंदना वर्मा को पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
