August 31, 2026

News India Group

Daily News Of India

वैश्विक मंदी के संकेतों से सहमा शेयर बाजार, 133 अंक की गिरावट के साथ लाल निशान पर खुला सेंसेक्स

1 min read

मिडिल ईस्ट तनाव और महंगे कच्चे तेल के कारण घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले; सेंसेक्स 133 और निफ्टी 58 अंक टूटा.

मुंबई: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले. मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के सख्त रुख ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. इस वजह से सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बाजारों में बिकवाली का माहौल रहा.

शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत
सोमवार सुबह बाजार खुलने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 133.78 अंक टूटकर 77,130.73 पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 58.10 अंक की गिरावट के साथ 24,117.55 के स्तर पर खुला. जानकारों का कहना है कि इस पूरे हफ्ते निवेशकों की नजरें दुनिया के राजनीतिक हालातों पर टिकी रहेंगी.

इन सेक्टर्स पर दिखा सबसे ज्यादा असर
बाजार की इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान धातु और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों को हुआ. निफ्टी मेटल में 1.70 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 1.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा मीडिया, रियल्टी, सरकारी बैंक, सीमेंट और रोजमर्रा का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयर भी एक प्रतिशत तक नीचे खिसक गए. दूसरी तरफ, केवल निजी क्षेत्र के बैंकों में मामूली सुधार देखा गया.

गिरावट के मुख्य कारण

  • कच्चे तेल में उछाल: अमेरिका-ईरान विवाद के कारण ब्रेंट क्रूड का भाव 2% से ज्यादा उछलकर 90.67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. भारत बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है.
  • ब्याज दरें बढ़ने का डर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख के बयान से संकेत मिले हैं कि सितंबर में होने वाली बैठक में ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं, जिससे निवेशक सतर्क हैं.
  • एशियाई बाजारों में कमजोरी: जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजारों में भी सुबह से मंदी का माहौल रहा, जिसका असर भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ा.

आगे क्या होगी बाजार की चाल?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,060 का स्तर एक बड़ा सहारा है. अगर निफ्टी इससे नीचे जाता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है. बाजार में दोबारा रिकवरी तभी दिखेगी जब निफ्टी 24,215 के पार जाएगा. इसके अलावा, आज निवेशक एचडीएफसी बैंक के नए प्रमुख की नियुक्ति से जुड़ी खबरों पर भी नजर बनाए रखेंगे.

More Stories

You may have missed