August 21, 2026

News India Group

Daily News Of India

ईरान की मदद करने वाले देशों को ‘गंभीर परिणाम’ भुगतने की ट्रंप की खुली चेतावनी

1 min read

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे जबरदस्त आर्थिक अभियान चलाने का ऐलान किया.

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे जबरदस्त आर्थिक कदम उठाने की घोषणा की. उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी देश तेहरान को आर्थिक या किसी अन्य तरह की मदद देगा, उसे भारी आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा.

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान को डील करने का जितना बड़ा मौका मैंने दिया, उतना किसी और ने नहीं दिया. दुख की बात है कि वे इस मौके का फ़ायदा नहीं उठा पाए.’ उन्होंने आगे कहा, ‘इसलिए आज मैं किसी भी देश के ख़िलाफ अब तक की सबसे जबरदस्त आर्थिक कार्रवाई का ऐलान कर रहा हूँ! यह अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलग-थलग करने की कार्रवाई होगी.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायु सेना बर्बाद हो गई है, उनके सैन्य कारखाने अब मलबे में बदल चुके हैं, उनकी मुद्रा बेकार हो गई है और उनका देश बहुत नाजुक हालत में है.’ ट्रंप ने कहा कि जो भी देश ईरान को वित्तीय, व्यावसायिक, हवाई अड्डे या सरकारी मदद देगा, उसे भारी आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा.

ट्रंप ने कहा, ‘आज मैं यह भी घोषणा कर रहा हूँ कि जो भी देश अपने वित्तीय संस्थानों, व्यवसायों, हवाई अड्डों या सरकारी संस्थाओं को ईरान को किसी भी तरह की जीवन-रेखा (लाइफलाइन) प्रदान करने की अनुमति देगा, उसे खुद भारी आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा.’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि इन उपायों का मकसद ईरान की आर्थिक जीवन-रेखाओं को निशाना बनाना होगा, जिनमें तेल की तस्करी के नेटवर्क, पैसों का लेन-देन, एक्सचेंज हाउस और मुखौटा कंपनियाँ (फ्रंट कंपनियाँ) शामिल हैं. उन्होंने लिखा, ‘तेल की तस्करी, स्वैप लाइन, नकद लेन-देन, एक्सचेंज हाउस, जहाजों का रजिस्ट्रेशन, मुखौटा कंपनियाँ – इन सबको अभी बंद करने की जरूरत है.’

ट्रंप ने कहा कि ये उपाय एक ‘आर्थिक D-Day’ (निर्णायक आर्थिक कदम) साबित होंगे. उन्होंने अमेरिका के सहयोगियों से ईरान को अलग-थलग करने में वॉशिंगटन का साथ देने की अपील की और दावा किया कि इन कदमों से दुनिया भर में आतंक फैलाने की तेहरान की क्षमता कमज़ोर पड़ जाएगी.

ट्रंप ने कहा, ‘आप जानते हैं कि आप कौन हैं. यह एक ‘आर्थिक D-Day’ होगा, और ईरान के खतरे को अलग-थलग करने और उसे हराने के लिए हमें अमेरिका के साथ अपने सभी सहयोगियों के खड़े होने की जरूरत है. ये सिरफिरे लोग मुश्किल में घिरे हुए हैं, और ये ऐतिहासिक उपाय उन्हें और दुनिया भर में आतंक फैलाने की उनकी क्षमता को पंगु बना देंगे.’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर से कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा. ट्रंप ने कहा, ‘ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे.’ ट्रंप का यह बयान तब आया जब उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ बहुत कड़े प्रतिबंध लगाने का विकल्प है और संकेत दिया कि आगे और कदम उठाए जा सकते हैं.

ईरान पर संभावित प्रतिबंधों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा था, ‘हमारे पास प्रतिबंध लगाने के विकल्प हैं. हमारे पास बहुत कड़े प्रतिबंध हैं, और देखते हैं क्या होता है.’ उन्होंने यह भी कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और दावा किया कि अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी असरदार रही है.

ट्रंप ने कहा, ‘अभी जलडमरूमध्य खुला है. बहुत सी नावें वहां से गुजर रही हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘नौसेना की नाकेबंदी बहुत असरदार रही है. नाकेबंदी 100 प्रतिशत सफल रही है.’ ट्रंप ने कहा कि एनर्जी के मुख्य रास्ते को लेकर तनाव के बावजूद तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और कच्चे तेल की कीमतें उस स्तर तक नहीं पहुंचीं, जिसका पहले अनुमान लगाया गया था.

उन्होंने कहा, ‘वे 350 डॉलर प्रति बैरल की बात कर रहे थे, और आज यह 84-85 डॉलर है. और हम बहुत सारा तेल निकाल रहे हैं.’ उन्होंने टेक्सास, अलास्का और लुइसियाना जैसे अमेरिकी राज्यों में बढ़े हुए प्रोडक्शन का भी जिक्र किया और कहा कि वैकल्पिक स्रोतों और नई पाइपलाइनों की वजह से होर्मुज पर निर्भरता कम हो गई है. ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि होर्मुज उतना महत्वपूर्ण नहीं रहेगा जितना पहले था.’

हालांकि, ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के साथ हालात बहुत अच्छे हैं और संकेत दिया था कि तेहरान के साथ बातचीत शायद किसी समय फिर से शुरू हो सकती है. उन्होंने कहा था, ‘शायद कभी ऐसा हो, लेकिन अभी मुझे लगता है कि हालात बहुत अच्छे हैं.’ ये घटनाक्रम होर्मुज को लेकर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आए हैं.

यह दुनिया का एक अहम एनर्जी ट्रांजिट रूट है. इससे पहले की रिपोर्टों में कहा गया था कि अमेरिकी बातचीत करने वाली टीम से कहा गया था कि वे ईरान के साथ बातचीत तब तक रोक दें जब तक तेहरान डील करने के लिए तैयार न हो जाए. ट्रंप ने यह भी कहा था कि ईरान के साथ अभी कोई बातचीत तय नहीं है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जलमार्ग चालू है.

इस बीच ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ ने कहा कि तेहरान तब तक होर्मुज को फिर से नहीं खोलेगा जब तक अमेरिका 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत किए गए वादों को पूरा नहीं करता. इन वादों में नाकेबंदी हटाना, ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करना और तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देना शामिल है.

You may have missed