July 30, 2026

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सहायक अध्यापक भर्ती पर गहराता विवाद, कोर्ट से लेकर सड़क तक पहुंचा मामला

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उत्तराखंड में सहायक अध्यापक पद भर्ती को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. अभ्यर्थी संशोधित मेरिट लिस्ट जारी करने को लेकर डिमांड करते रहे हैं

देहरादून: प्रदेश में साल 2024 में सहायक अध्यापक पदों के लिए निकाली गई भर्ती साल 2026 में भी विवादों की वजह बनी हुई हैं. वैसे तो यह भर्ती 1500 से ज्यादा पदों के लिए निकल गई थी. लेकिन आयोग ने 2025 में मेरिट लिस्ट 1352 अभ्यर्थियों की ही जारी की. लेकिन विवाद की वजह यह मेरिट लिस्ट नहीं है, बल्कि वो तीन प्रश्न है, जिसने कई अभ्यर्थियों की उम्मीदों को जगा दिया है.

दरअसल साल 2024 में सहायक अध्यापक के पदों पर भर्ती निकाली गई. फरवरी 2025 में लिखित परीक्षा के बाद अंतिम मेरिट सूची जारी करते हुए 1352 अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया गया. विवाद कब शुरू हुआ जब कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में आए तीन प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज करा दी. मामला कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने भी तीन प्रश्नों की आपत्ति को सही पाया. बस इन्हीं तीन प्रश्नों के नंबर इस भर्ती के लिए विवाद की वजह बन गए. अभ्यर्थियों ने 1352 चयनित अभ्यार्थियों समेत पूरी परीक्षा में ही दोबारा से इन तीन प्रश्नों में दिए गए नंबर को संशोधित करते हुए नई मेरिट लिस्ट जारी करने की मांग उठाई.

मामला कोर्ट पहुंचा तो आयोग ने 1352 चयनित अभ्यार्थियों की सूची को यथावत रखने और गलत प्रश्नों के नंबर को लेकर बाकी अभ्यर्थियों का भी अंतिम कट ऑफ के आधार पर चयन करने का निर्णय ले लिया. विवाद तब शुरू हुआ जब आयोग ने चयनित किए गए अंतिम अभ्यर्थी के नंबरों में इन प्रश्नों के आधार पर अंक जोड़कर उसे अंतिम कट ऑफ मान लिया और इसी आधार पर करीब 104 बाकी अभ्यर्थियों को भी सहायक अध्यापक पद के लिए चयन करते हुए सूची जारी कर दी. जबकि अभ्यर्थी यह मांग कर रहे हैं कि इन नंबरों के संशोधन से पहले जो पूर्व में अंतिम कट ऑफ रखी गई थी उसी के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाए.

इस मामले में हाईकोर्ट में आयोग की तरफ से अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा है और हाईकोर्ट की तरफ से जो भी निर्देश जारी किए जाएंगे उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
-जीएस मर्तोलिया, अध्यक्ष, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग-

इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में जोरदार बहस हुई और अब हाईकोर्ट ने आगामी मंगलवार की तारीख तय की है. जब आयोग को फरवरी 2025 के दौरान अंतिम कट ऑफ के आधार पर अभ्यर्थियों की सूची कोर्ट में देनी है. हालांकि इस मामले का अंतिम निर्णय कोर्ट को ही करना है. लेकिन अभ्यर्थी इस मामले को लेकर सड़कों पर उतर गए हैं और आयोग से अपनी डिमांड के हिसाब से ही संशोधित मेरिट सूची जारी करने की मांग उठाई है. इस मामले में अभ्यर्थियों ने बताया कि पूर्व में चयनित अभ्यार्थियों समेत प्रश्न पत्र में तीन प्रश्नों को लेकर संशोधन के बाद पूरी मेरिट सूची को ही संशोधित रूप से जारी किया जाना चाहिए था.

लेकिन तब आयोग ने ऐसा नहीं किया जिसके कारण कई अभ्यर्थियों के अंक फरवरी 2025 में जारी की गई मेरिट सूची के कट ऑफ से अधिक होने के बावजूद भी उनका चयन आयोग द्वारा नहीं किया जा रहा है. ऐसे में उन्होंने आयोग से मांग की है कि इस पर फिर से विचार करें और अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए संशोधित सूची जारी करें.

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